महिलायें बायोजिकल कमजोर नहीं हो सकती क्योंकि वह जननी है, माननीय न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान उच्च न्यायलय इलाहाबाद

कोर्ट

रोज़ाना ख़बर ब्यूरो,प्रयागराज

कम्पटीशन में महिलायें आगे है पैरवी के कारण पीछे रहती है। महिलायें बायोजिकल कमजोर नहीं हो सकती क्योंकि वह जननी है, माननीय न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान उच्च न्यायलय इलाहाबाद।

राजर्षी टण्डन सेवा केन्द्र बैंक रोड प्रयागराज में अर्न्तराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय महिला परिषद् शहर शाखा एवं लोक सेवक मण्डल और सामाजिक एकता परिषद् द्वारा आयोजित मातृ शक्ति सम्मान 2022 में शहर की सात विशिष्ट क्षेत्रों में कार्य करने वाली पद्मश्री डॉ० राज बवेजा, डॉ० वीना सिंह, श्रीमती प्रभा भार्गव, डॉ० गीता सिंह, श्रीमती मंजू शर्मा, श्रीमती रसीदा खान, श्रीमती उषा गुप्ता को अंग वस्त्र मोमेन्टो बुके श्रीफल आदि देकर सम्मानित करते हुए माननीय न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर पुरूष के कामयाबी के पीछे किसी न किसी महिला का हाथ होता है। ऐसे में यदि महिलायें एक माता, एक बहन, एक सास के रूप में एक दूसरी महिलाओं का सहयोग करें तो महिलायें ऊंचे एवरेस्ट और चाँद तक का सफर तय कर सकती है और किया है।

न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने कहा कि जिन महिला शख्सियत को हम सम्मानित कर रहें है उनका आर्शिवाद हमें चाहिए उन्हें सम्मानित करते हुये हम स्वंय सम्मानित हो रहे है। न्यायमूर्ति मंजू रानी 35 महिलाओं को सामाजिक कार्यों एवं विशेष क्षेत्र में कार्य करने के लिए सम्मानित करते हुये कहा कि महिलाऐं बायोजिकल कमजोर नहीं क्योंकि वह जननी होती है महिलायें कम्पीटीशन के माध्यम से आगे रहती है वो पैरवी के पीछे रहती है। अध्यक्षता कर रहे लोकसेवक मण्डल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चोपड़ा ने अपने सम्बोधन में कहा कि

 

राजनैतिक रूप से पिछड़े होने के कारण महिलाओं को सत्ता में प्रतिनिधित्व कम है नारी सशक्त करने हेतु कई कानून बने है फिर त्वरित न्याय नहीं होता वही पर महिलाओं द्वारा कानून का दुरूपयोग करने के कारण इसका दुस्प्रभाव महिलाओं के रोजगार पर पड़ रहा है। विशिष्ट अतिथि जमनोत्री गुप्ता ने कहा कि महिलाओं को शिक्षित हो कर समाज में अपनी भूमिका तय करनी चाहिए, महिलाओं के पिछड़ापन का कारण शिक्षा, स्वास्थ्य एवं गरीबी है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सामाजिक एकता परिषद् के अध्यक्ष श्री ओम प्रकाश शुक्ल ने कहा कि महिलाओं के उत्पीड़न एवं त्वरित न्याय के लिए फास्ट कोर्ट का गठन होना चाहिए। अपर स्थायी अधिवक्ता श्रीमती सुभाष राठी ने कहा कि बच्चियों को सशक्त व स्वालम्बी एवं आत्मनिर्भर बनना चाहिए। कार्यक्रम का संचालन लोकसेवक मण्डल के सचिव श्रीब्रह्म प्रकाश तिवारी एवं आभार कार्यक्रम के संयोजक वरिष्ट समाजसेवी शिक्षक श्रीनारायण यादव ने किया।कार्यक्रम की शुरूआत सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से हुआ।

स्वागत गीत कवित्री श्रीमती रश्मि शुक्ला ने गाया। कार्यक्रम को श्री अखिलेश मिश्र अध्यक्ष सी० डब्लू० सी०,वरिष्ठ समाज सेविका श्रीमती कविता तिवाठी यादव, कर्मचारी नेता रविशंकर मिश्र, डॉ० स्वीटी मौर्या, डॉ० नम्रता यादव, नाजरा बक्श, डॉ० अर्चना सिंह, वरिष्ट समाजसेविका प्रेम लता शुक्ला, श्रीमती रश्मि पोद्दार, फरिदा परवीन, अधिवक्ता कार्तिके, श्रीमती मंजू पाठक, डॉ० ईशान्या राज, श्रीमती प्रमिला कुशवाहा, जावेद सिद्दीकी निदेशक एन० जी० आई० टी०, राहुल देव आजाद, गुड्डू पंडित, रवि कुमार, श्रीमती शानू केसरवानी, श्रीमती सीमा, श्रीमती प्रीति व्रिपाठी, श्रीमती प्रभा द्विपाठी, चंदन निषाद, अधिवक्ता अश्विनी कुमार, सुश्री पद्मावती श्रीमती रीना देवी, सुश्री शिखा गुप्ता, सुश्री सुषमा मौर्या, अमित कुमार पाण्डेय, अभिषेक राज, अधिवक्ता विनीत, सचिन सिंह, अन्नु गुप्ता, हरीश आदि ने सम्बोधित किया।

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