नागरिकों और उनकी संस्कृति से बनता है राष्ट्र: नई शिक्षा नीति के 2 साल पूरे होने पर बोले अमित शाह

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रोज़ाना खबर, नई दिल्ली

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दो साल पूरे होने पर एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सभी लोग अलग-अलग दृष्टि देखते हैं। कोई इसमें रोजगार देखता है, कोई बच्चों की अभिव्यक्ति दिखती है, किसी को बेरोजगारी की समस्या।

उन्होंने कहा कि कोई भी देश ज़मीनों, नदियों, पहाड़ों आदि से नहीं बनता बल्कि उसके नागरिकों से बनता है और उसके नागरिकों से मिली हुई जनता की संस्कृति और संस्कार से इस राष्ट्र का निर्माण होता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रतिभावान नागरिक बनाने की मूल कल्पना के साथ बनाई गई नीति है।

अमित शाह ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने बहुत कम शब्दों में अच्छे तरीके से शिक्षा का उद्देश्य आलिखित किया था। जो शिक्षा आमजन को जीवन के संघर्ष के लिए समर्थ नहीं बनाती, जो शिक्षा बच्चे को चरित्रवान नहीं बनाती, जो शिक्षा बच्चे में परोपकार का भाव नहीं पैदा करती वे शिक्षा, शिक्षा कहलाने के लायक नहीं है।

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